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कांगड़ा घाटी की पहचान मानी जाने वाली नैरो गेज रेल सेवा चार साल बाद फ‍िर बहाल

  • करीब चार साल बाद कांगड़ा घाटी की नैरो गेज रेल सेवा फिर से हुई बहाल
  • 70 करोड़ रुपये की लागत से बने नए चक्की रेलवे पुल के बाद शुरू हुआ संचालन
  • पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलने की उम्मीद नई रफ्तार

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा घाटी क्षेत्र के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लंबे इंतजार के बाद क्षेत्र की पहचान मानी जाने वाली नैरो गेज रेल सेवा एक बार फिर पटरी पर लौट आई है। कांगड़ा रेलवे स्टेशन से पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर सांसद अनुराग सिंह ठाकुर और राज्यसभा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने रेल सेवा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

रेल सेवा के दोबारा शुरू होने से कांगड़ा घाटी के लोगों को राहत मिली है। इसके साथ ही पर्यटन, व्यापार और स्थानीय आवागमन को भी नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। स्टेशन परिसर में ट्रेन के शुभारंभ को लेकर उत्साह का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर विधायक पवन काजल, विधायक रणबीर सिंह निक्का, मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) विवेक कुमार सहित रेलवे विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश में रेल नेटवर्क को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में आई बाढ़ के दौरान चक्की रेलवे पुल क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके कारण रेल परिचालन प्रभावित हुआ था। इसके बाद पुल के पुनर्निर्माण का कार्य शुरू किया गया और अब सेवा को फिर से बहाल किया जा सका है।

उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक से तैयार किए गए नए रेलवे पुल के निर्माण पर लगभग 70 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। रेल संपर्क बहाल होने से कांगड़ा, धर्मशाला, पालमपुर और आसपास के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच पहले से अधिक आसान होगी।

राज्यसभा सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज ने कहा कि पहाड़ी राज्यों में रेल संपर्क का विस्तार विकास का महत्वपूर्ण आधार है। बेहतर रेल सुविधाएं न केवल लोगों की यात्रा को आसान बनाती हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा देती हैं।

विधायक पवन काजल ने कहा कि क्षेत्र की जनता लंबे समय से इस रेल सेवा की बहाली का इंतजार कर रही थी। उन्होंने इसे कांगड़ा के लोगों के लिए बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे पर्यटन उद्योग, स्थानीय व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार नैरो गेज रेल सेवा शुरू होने से कांगड़ा घाटी रेलवे मार्ग पर यात्रियों की संख्या बढ़ेगी और प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंच अधिक सुगम होगी। स्थानीय लोगों और व्यापारियों ने भी इस पहल का स्वागत किया है और इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।